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Published in:

Volume 6 Issue 2
February-2019
eISSN: 2349-5162

Unique Identifier

JETIR1902D09

Page Number

760-762

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Title

Vartaman Paripeksya Men Jaiprakash Narayan Ke Vicharon Ki Prasangikta Avam Prabhav

ISSN

2349-5162

Cite This Article

"Vartaman Paripeksya Men Jaiprakash Narayan Ke Vicharon Ki Prasangikta Avam Prabhav", International Journal of Emerging Technologies and Innovative Research (www.jetir.org), ISSN:2349-5162, Vol.6, Issue 2, page no.760-762, February-2019, Available :http://www.jetir.org/papers/JETIR1902D09.pdf

Abstract

आधुनिक भारत की राजनीति को अपने विचारों से दिशा एवं दशा देकर उसे नई ऊँचाईयों तक पहुँचाने का श्रेय जिन कुछ गीने-चुने भारत के सपूतों को जाता है, लोकनायक जयप्रकाश नारायण उनमें से एक हैं। सम्पूर्ण क्रांति के जनक, भारतीय लोकतंत्र के सजग प्रहरी जयप्रकाश नारायण का प्रभाव स्वाभाविक रूप से देश तथा देश के युवकों को प्रभावित किया और उनके विचारों से ओतप्रोत होकर देश की सामाजिक, राजनीतिक समस्याओं के समाधान की ओर अग्रसर हुए। जयप्रकाश नारायण के भावों पर विचार करें तो स्पष्ट होता है उनका ध्येय ही देश और देशवासियों का सम्पूर्ण विकास और कल्याण था। वे समाजवादी समाज में विश्वास करते थे, उन्हें समाजवाद में ही भारत के समस्याओं का समाधान दिखता है। यह उनके विचारों का ही प्रभाव है कि सरकारी तंत्र के खोकले वादे, अलोकतांत्रिक कार्यों, भ्रष्टाचार आदि के विरूद्ध जब कोई आंदोलन को छेड़ा जाता है, तो उसकी प्रेरणा और तुलना दोनों ही जे0पी0 आंदोलन में किया जाता है। आज भी देश में आम जनता की उपेक्षा हो रही है, राजनीतिज्ञ अपने हितों का एवं स्वार्थों को जनता तथा देश पर प्राथमिकता दे रही है। जनता संगठित होकर जे0पी0 के कार्यों और विचारों से प्रेरणा एवं अनुप्रेरित होकर अपना, समाज व देश की सेवा व उत्थान कर सकता है। भारत को एक नये मार्ग पर लाया जा सकता है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण पेश कर सकता है।

Key Words

लोकनायक, लोकतंत्र, सम्पूर्ण क्रांति, समाजवाद, जयप्रकाश नारायण।

Cite This Article

"Vartaman Paripeksya Men Jaiprakash Narayan Ke Vicharon Ki Prasangikta Avam Prabhav", International Journal of Emerging Technologies and Innovative Research (www.jetir.org | UGC and issn Approved), ISSN:2349-5162, Vol.6, Issue 2, page no. pp760-762, February-2019, Available at : http://www.jetir.org/papers/JETIR1902D09.pdf

Publication Details

Published Paper ID: JETIR1902D09
Registration ID: 302015
Published In: Volume 6 | Issue 2 | Year February-2019
DOI (Digital Object Identifier):
Page No: 760-762
ISSN Number: 2349-5162

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"Vartaman Paripeksya Men Jaiprakash Narayan Ke Vicharon Ki Prasangikta Avam Prabhav", International Journal of Emerging Technologies and Innovative Research (www.jetir.org | UGC and issn Approved), ISSN:2349-5162, Vol.6, Issue 2, page no. pp760-762, February-2019, Available at : http://www.jetir.org/papers/JETIR1902D09.pdf




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