ISSN: 2349-5162

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Published in:

Volume 6 Issue 6
June-2019
eISSN: 2349-5162

Unique Identifier

JETIR1906A62

Page Number

386-389

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Title

Natak Mein Rang Tatv

ISSN

2349-5162

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"Natak Mein Rang Tatv", International Journal of Emerging Technologies and Innovative Research (www.jetir.org), ISSN:2349-5162, Vol.6, Issue 6, page no.386-389, June-2019, Available :http://www.jetir.org/papers/JETIR1906A62.pdf

Authors

Abstract

भारतीय नाट्य साहित्य की परम्परा संस्कृत नाटकों से चली आ रही है । पुरातन काल में नाटक व रंगमंच का स्वरूप भिन्न था लेकिन उसकी आत्मा प्रत्येक काल में एक-सी रही है ।भरत , शुद्रक और विशाखदत्त जैसे संस्कृत नाट्याचार्यों ने इस परम्परा को आगे बढ़ाया ।१७५० से १८५३ तक पारसी रंगमंच ने अपने पैर पसारने शुरु कर दिए थे । पारसी नाटकों का मंचन बहुत ही भड़कीले अंदाज में किया जाता था और वह अपना प्रभाव जमाने में सफल भी हुए । लोक नाटक अपने प्रदेश की मिट्टी से जुड़े हुए थे ।भारतेन्दु हरिश्चन्द को हिन्दी नाटक साहित्य का जनक कहा जा सकता है । उन्होने हिन्दी नाटकों को नया आयाम दिया । उनके नाटकों में पाश्चात्य और भारतीय तत्त्वों का सम्मिश्रण मिलता है । नाटक के विकास के साथ-साथ रंगमंच का विकास भी हुआ , संस्कृत रंग परम्परा नाटकों के लिए रंगशाला का प्रयोग किया जाता था । पारसी रंगमंच ने अपनी एक अलग पहचान बनाई ।आधुनिक हिंदी नाटक और रंगमंच में निरंतर परिवर्तन होते हो रहे थे क्योंकि समय , देश, काल , वातावरण व परिस्थितियों का प्रभाव हर विधा पर पड़ता है । समकालीन नाटककारों में मोहन राकेश ,शंकर शेष , लक्ष्मीनारायण लाल ,भीष्म साहनी आदि नाटककार आते हैं । उन्होंने अपनी रंगदृष्टि से नाटक और रंगमंच को नया रूप प्रदान किया । बदलते समय के प्रभाव के कारण पाश्चात्य रंगदृष्टि एब्सर्ड का प्रयोग , मंच पर मुखौटे लगाकर अभिनय करने की शैली आदि के प्रयोगों ने आधुनिक रंगमंच ने एक नया रूप पाया ।

Key Words

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"Natak Mein Rang Tatv", International Journal of Emerging Technologies and Innovative Research (www.jetir.org | UGC and issn Approved), ISSN:2349-5162, Vol.6, Issue 6, page no. pp386-389, June-2019, Available at : http://www.jetir.org/papers/JETIR1906A62.pdf

Publication Details

Published Paper ID: JETIR1906A62
Registration ID: 213923
Published In: Volume 6 | Issue 6 | Year June-2019
DOI (Digital Object Identifier):
Page No: 386-389
ISSN Number: 2349-5162

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"Natak Mein Rang Tatv", International Journal of Emerging Technologies and Innovative Research (www.jetir.org | UGC and issn Approved), ISSN:2349-5162, Vol.6, Issue 6, page no. pp386-389, June-2019, Available at : http://www.jetir.org/papers/JETIR1906A62.pdf




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